
अंतरराष्ट्रीय डेस्क, 26 मार्च 2026:
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष 26वें दिन और अधिक गंभीर हो गया है। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है, जबकि इसका असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है।
अमेरिकी प्रस्ताव ठुकराया, ईरान का सख्त रुख
ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को “अव्यवहारिक” बताते हुए खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि युद्ध केवल उसकी शर्तों पर ही समाप्त होगा।
इसके जवाब में ईरान ने अपनी 5 प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं, जिनमें पूर्ण युद्धविराम, पुनः हमले न होने की गारंटी, युद्ध क्षतिपूर्ति और फारस की खाड़ी से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति हटाने की मांग शामिल है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
Strait of Hormuz में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क वसूलने की पुष्टि की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति (करीब 20%) प्रभावित हो रही है।
लगभग 2,000 जहाज और 20,000 नाविक फंसे हुए हैं
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गंभीर असर
सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले
Saudi Arabia के पूर्वी प्रांत में स्थित प्रमुख तेल प्रतिष्ठानों को ड्रोन और मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया।
इनमें दुनिया का सबसे बड़ा तेल क्षेत्र Ghawar और Abqaiq जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं।
सऊदी रक्षा बलों ने कई हमलों को नाकाम किया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
António Guterres ने सुरक्षा परिषद में कहा कि यह युद्ध “पूरी तरह नियंत्रण से बाहर” होता जा रहा है और तत्काल कूटनीतिक समाधान जरूरी है।
लेबनान: 1,094+ मौतें
इराक: 96+ मौतें
ईरान: 1,750+ मौतें
यह संघर्ष अब 14 देशों को प्रभावित कर चुका है।
वार्ता पर अनिश्चितता बरकरार Pakistan द्वारा मध्यस्थता की पेशकश के बावजूद, अभी तक किसी भी आधिकारिक वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रांस, चीन, तुर्की और मिस्र सहित कई देश दोनों पक्षों से बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन समाधान दूर नजर आ रहा है।
अमेरिका में भी विरोध के संकेत
एक हालिया सर्वे के अनुसार, लगभग 59% अमेरिकी नागरिक इस सैन्य कार्रवाई को गलत मानते हैं, जबकि केवल 25% ही इसे सफल मानते हैं।
वैश्विक असर: तेल, व्यापार और सुरक्षा पर संकट
कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार
वैश्विक शिपिंग व्यवस्था बाधित
मध्य-पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज
निष्कर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि एक वैश्विक संकट का रूप ले चुका है।
जहां एक ओर शांति की संभावनाएं कमजोर पड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं।



