हल्द्वानी : आपदा न्यूनीकरण की दिशा में बड़ा कदम, देवखड़ी अपस्ट्रीम में संयुक्त निरीक्षण, मलबा हटाने का कार्य जारी

हल्द्वानी न्यूज़ :- विगत दिन देवखड़ी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र भदयूनी में भारी से अति भारी वर्षा के दृष्टिगत नगर निगम हल्द्वानी की नगर आयुक्त श्रीमती ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गोपाल चौहान, उप जिलाधिकारी हल्द्वानी श्री राहुल शाह, सहायक अभियंता श्री मनोज तिवारी, रेंजर फतेहपुर, यूयूएसडीए की तकनीकी टीम एवं नगर निगम के जीआईएस विश्लेषक द्वारा देवखड़ी नाले के वन क्षेत्र में स्थित अपस्ट्रीम भाग का संयुक्त निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अत्यधिक वर्षा के कारण नाले में जल प्रवाह बहुत तेज़ था, जिससे डाउनस्ट्रीम शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका उत्पन्न हो गई थी। ऐसी स्थिति में आपदा न्यूनीकरण योजना के तहत पूर्व में निर्मित चेक डैमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह भी पढ़ें 👉  🔥 नशे के खिलाफ नैनीताल पुलिस का बड़ा प्रहार 🔥हल्द्वानी पुलिस ने 300 पाउच कच्ची शराब के साथ तस्कर को दबोचा, एसएसपी के सख्त निर्देश पर कार्रवाई तेज!

जिलाधिकारी नैनीताल महोदया द्वारा स्वीकृत इस योजना के तहत देवखड़ी नाले के अपस्ट्रीम क्षेत्र में कुल 13 चेक डैम का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से 10 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और शेष 3 पर कार्य प्रगति पर है। निरीक्षण टीम ने यह पाया कि निर्मित चेक डैमों ने न केवल जल की गति को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया, बल्कि भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर, रेत एवं मिट्टी को रोककर डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

यह भी पढ़ें 👉  हत्या : बेटी और प्रेमी को फावड़े से काटा, पढ़े पूरी खबर....

मौके पर वन विभाग को निर्देशित किया गया कि चेक डैम में एकत्र मलबे को शीघ्र हटाया जाए। इस कार्य हेतु दो जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं और मलबा हटाने की प्रक्रिया जारी है ताकि चेक डैम की प्रभावशीलता बनी रहे।

इसी क्रम में तपोवन कॉलोनी के निकट देवखड़ी नाले के चैनलाइजेशन कार्य की भी शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु दीवारों का सुदृढ़ीकरण और जल प्रवाह का सुव्यवस्थित संचालन है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड :- पौड़ी में बाघ के हमले में महिला की मौत, लैंसडौन में गुलदार के वार से सैनिक घायल, अस्पताल में भर्ती....

निरीक्षण टीम ने इन संरचनाओं की नियमित निगरानी एवं समयबद्ध रखरखाव की आवश्यकता पर विशेष बल दिया, विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि भविष्य में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की संरचनाओं के निर्माण हेतु विस्तृत योजना बनाई जा रही है।

सम्बंधित खबरें