उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला — राज्य में बनने वाली हर दवा और API की जांच अनिवार्य, दूसरे राज्यों से आई दवाओं की सूची तलब

देहरादून।
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में बनने वाली सभी दवाओं और Active Pharmaceutical Ingredients (API) की जांच को अब अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य सुरक्षा और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

सरकार ने प्रदेश में कार्यरत सभी फार्मा कंपनियों को निर्देशित किया है कि राज्य में निर्मित होने वाली हर दवा और API की लैब में जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। साथ ही, प्रदेश में अन्य राज्यों से आयातित दवाओं की विस्तृत सूची भी तलब की गई है ताकि उनकी गुणवत्ता और वैधता की जांच की जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  भाईजान’ नाम के जिन्न का कारनामा बता ग्रामीण से ठग लिए 62.79 लाख रुपए.

सूत्रों के अनुसार, सरकार का यह फैसला हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में घटित दवा गुणवत्ता विवादों और जाली दवाओं के मामलों के बाद लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में निगरानी को और कड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें 👉  खेतों की पगडंडियों से छात्र आंदोलन के मंच तक: आशीष कवड़वाल की कहानी

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —

“राज्य में जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं होगा। हर दवा की जांच और प्रमाणन के बाद ही उसे बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।”

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री को नई दिशा देगा, बल्कि उत्तराखंड को देश के विश्वसनीय औषधि उत्पादन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आई.टी पार्क देहरादून पहुंचकर जनपद चमोली के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की और हिमस्खलन के बाद रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हिमस्खलन के बाद की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्य बिंदु:

उत्तराखंड में बनने वाली हर दवा और API की जांच अब अनिवार्य

दूसरे राज्यों से आने वाली दवाओं की सूची तलब

गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सरकार का सख्त रुख

प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में विश्वसनीयता बढ़ाने की तैयारी

सम्बंधित खबरें