मसूरी-चकराता हाईवे पर कहर बरपा भूस्खलन!

मसूरी-चकराता हाइवे पर कैंपटी फॉल से आगे, भेड़ियाना गांव के नीचे और जीवन आश्रम के समीप अचानक जोरदार भूस्खलन हुआ। पहाड़ दरकते ही चारों ओर मिट्टी और चट्टानों का सैलाब उतर पड़ा, जिसने करीब 200 फीट सड़क को पूरी तरह निगल लिया।

😨 घटना के खतरनाक असर:

🚫 हाईवे ठप – सड़क जमींदोज होते ही मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें फँसी हुई हैं।

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🚷 यात्री दहशत में – रास्ता बंद होने से सैकड़ों यात्री घंटों से फँसे हैं, कई लोग भोजन और पानी तक से वंचित हैं।

⚠️ स्थानीयों की दहशत – ग्रामीणों का कहना है कि यह जगह पहले भी भूस्खलन की चपेट में आ चुकी है, और अगर जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो अगली बार तबाही और भी बड़ी हो सकती है।

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🕰 पिछली चेतावनियाँ जिन्हें नज़रअंदाज़ किया गया

कालसी-चकराता मार्ग (2023): पिछले साल भारी भूस्खलन ने घंटों तक यातायात ठप कर दिया था।

मसूरी-कैंपटी नेशनल हाईवे (2024): सितंबर में भीषण भूस्खलन से सड़क ध्वस्त हो गई थी और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी।

यह भी पढ़ें 👉  आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली जनपद में बदरीनाथ धाम से 6 किलोमीटर आगे हिमस्खलन में फंसे लोगों के रेस्क्यू हेतु युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। शाम 5:00 बजे तक 32 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, शेष 25 लोगों को निकालने की कार्रवाई गतिमान है।

👉 यह हादसा सिर्फ एक भूस्खलन नहीं, बल्कि आने वाले बड़े ख़तरों की चेतावनी है। पहाड़ दरक रहे हैं, सड़कें ध्वस्त हो रही हैं और यात्रियों की ज़िंदगियाँ हर वक्त दाँव पर लगी हैं।

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